HAPPY NEW YEAR – 2015

                                                नये वर्ष 2015 की शुभकामनाएं 
दोस्तों,  नया साल लगे 3 दिन हो गये हैं, पर शायद आप भी मेरी तरह बार बार तारीख लिखते वक्त 2014 ही लिख रहे होंगे 2015 की जगह । अगले एक या दो सप्ताह मे हमारा अवचेतन मस्तिष्क अभ्यस्त हो जायेगा और स्वतः ही 2015 लिखना शुरु कर देगा । subconscious mind को सिर्फ एक अंक (digit) को बदलने मे Reprogramming करने में एक या दो सप्ताह का समय लग गया – ऐसा हम हर साल देखते हैं ।


जरा सोचिये जब एक अंक को बदलने मे 1-2 सप्ताह लग गये तो कई सारे कठिन शब्दों को बोलने का तरीका (speaking pattern ) बदलना ( Reprogramming)  एक सप्ताह या एक महिने मे कैसे संभव है? ?? इसीलिए ऐसे विज्ञापनों के छलावे मे ना आये जो कुछ दिन,  सप्ताह या महिने मे Cure का दावा करता है ।

अपनी संचार दक्षता की धार पैनी करने का सबसे अच्छा उपाय है, SHG के नियमित संपर्क मे रहे,  उनमें भाग लेते रहे   online shg (Skype,  hangout)  या telephone shg जो भी सुविधाजनक हो, उसी का उपयोग किया जा सकता है । क्योंकि कहावत है :
 करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान
Practice makes a man perfect


मेरा telephone SHG का अनुभव :
जब मै पहली बार डाक्टर सचिन सर से  मिला तो सर बोले – हेमन्त!  मै गुरु दक्षिणा मे तुमसे मांगता हू – ” अगर तुम वास्तव में अपने मे improvement लाना चाहते हो तो 2 साल तक नजदीकी SHG के नियमित संपर्क मे रहो ।” मैने बाहर से हां तो बोल दिया था , पर अंदर से जानता था कि हर रविवार 300 km चंडीगढ़ SHG Meeting attend करने जाना असंभव है । पर Facebook पर chatting के दौरान कई PWS से दोस्ती होती गयी और रोज किसी एक PWS को फोन करने लगा । शुरु मे कोई fluency shaping  तकनीक काम नहीं  करती थी , कई बार तो 30-40 seconds के संघर्ष के बाद शब्द बाहर आते थे । पर जैसे जैसे शब्द बाहर आने लगे  , आत्मविश्वास बढने लगा कि कम से कम बोल तो सकता हू । शब्द बदलने से या चुप हो जाने से तो संघर्ष करके बोला जाना ज्यादा अच्छा है । फिर धीरे धीरे  3-4 महिने बाद कुछ शब्दों पर Bouncing भी करने लगा । फिर 5-6 महिने बाद  लगभग हर शब्द पर Bouncing होने लगी,  और Block मे जाना बिल्कुल कम हो गया ।
फिर मैने एक नियम बनाया कि जब भी PWS से बात करूंगा , हर शब्द को दो बार Bounce और तीसरी बार थोडा Prolong कर के ही बोलूंगा i.e. P-P-Paaanjab , ताकि  शायद मुझे देखकर दूसरा PWS भी अपने जीवन मे ढालने की कोशिश करे । खासतौर से जब कोई PWS पहली बार फोन करे टीसा के बारे मे जानने को,  तो मुझे बडे आराम से bounce करता देखकर कुछ तो कोपी करेगा ही ।
इसका मुझे जबर्दस्त फायदा हुआ, क्योकि अब NON-PWS से बात करते वक्त जैसे ही ब्लाक आने वाला होता,  ब्लाक मे slip होना बंद हो गया,  जैसे ही गीयर फंसने लगता, गाडी बंद कर (Bounce)  , गाडी दुबारा First gear मे (Prolongation)  मे start करने मे महारथ हासिल होने लगी । अभी भी कुछ Situations मे Block आते हैं , पर उनकी probability संभाव्यता धीरे धीरे घटती जा रही है । और ये सब संभव हुआ है टीसा द्वारा प्रदत्त acceptance की बुनियाद पर (जैसे बंजर भूमि मे बीज बोना बेकार होता है, वैसे ही  बिना acceptance के PWS के सारे प्रयास निष्फल हो जाते हैं , एक छोटा सा Block भी PWS को वापस उसी मनस्थिति मे ले आता है , जहां वो पहले था)  और  दो साल से निरंतर  telephone SHG करने से ……….


So join SHG daily for your speech to reprogram your subconscious mind.

Hemant Kumar
mob. 099145-13160
janhem1008@gmail.com

4 Comments

Comments are closed.

  1. Profile photo of Sachin
    Sachin 2 years ago

    भई हेमन्त, आपका पोस्ट पढ कर मजा आ गया । आपने रिकवरी के बुनियादी सिद्दान्तों को सही पकडा और बखूबी बयान किया है.. अपने अनुभव ऐसे ही बाँटते रहें..

  2. Profile photo of
    admin 2 years ago

    हेमन्त जी, बहुत ही सुन्दर बात कही है आपने। मैंने भी अपने आफिस में एक जनवरी 2015 को साइन करते समय 1-1-2014 लिख दिया। नया वर्ष पुरानी बातों को भूलकर नई चुनौतियों को जीवन में स्वीकार करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हिन्दी में इतना सटीक और सुन्दर पोस्ट पढ़कर मन बहुत प्रसन्न होगा। हिन्दी में आपकी लेखन क्षमता उत्तम और प्रभावशाली है। साधुवाद और आभार।

  3. Profile photo of
    admin 2 years ago

    Wa wa wa!!! Hemant kya mast post hai. Post pad kar acha laga ki koi bhi chiz muskil nahi hai. Main bhi aaj kal slow speaking technique ka prayog kar raha hu. Aur sabse zayada mujhe apne kaarya isthal par dikhat hoti thi bolne main. Par slow speaking se kaafi kuch sudharne laga hu. Dhanya waad aapke post ke liye.

  4. Rakesh Jaiswal 2 years ago

    हेमन्त भैया सचमुच आपने तो पूरी कायनात सामने रख दी ।

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