Fluency v/s Communication skill

मोदी और मनमोहन सिंह –
दोनो ही प्रधानमंत्री fluent थे , पर मजा किस को सुनने मे आता है, कोन बोर लगता है, कोन अच्छा communicate कर सकता है भीड को ?
यही difference TISA समझाता है कि fluency से ज्यादा जरूरी communication skill है ।
जबकि सारे प्राइवेट speech therapy centre वाले PWS को मनमोहन सिंह style मे रोबोट की तरह बोलना सिखा कर cure का झूठा दावा करते हैं । मनमोहन सिंह की तरह बोलना ज्यादा अच्छा है या रितिक की तरह खुलकर accept कर बोलना और बोलते हुए volume और pitch बदल कर लोगों को मोहित कर देना ।
Youtube पर रितिक का
क्रिश-3 ( https://www.youtube.com/watch?v=dXue2c7tZSw ),
 बेंग बेंग ( https://www.youtube.com/watch?v=7gczzLuBbAA ) के प्रीमियर Release पर press conference के दोरान 20-30 minutes तक पत्रकारों के सवालों का जवाब देते सुनो, how he communicated press (with his stammering) , जहाँ ना कोई Rehearsal किया है,  ना Retake का chance है । 
 हालांकि हर Press conference मे 1-2 बार हकलाया (जरुरत, febulus शब्द पर) , पर ना वो हताश होकर बैठा, ना पत्रकारों ने seriously लिया ।

So concentrate on Communication skill , start your journey with TISA

3 Comments

Comments are closed.

  1. Sachin 4 years ago

    बहुत सही – हमें सिर्फ अपना फोकस शिफ्ट करने की जरूरत है : कम्युनिकेशन पर; श्रोता की जरूरत पर ध्यान देना है, न की अपनी…

  2. Sachin 4 years ago

    BTW- Hrithik is my fav hero! I have loved his movies, his "action" and dance too… Above all, truly as a hero, he has coped with difficulties of life and also, continues to educate society about stammering…
    We dont need to go to Winston Churchill or King Edward, for a role model!

  3. jasmeet singh 4 years ago

    Point to be notednoted.

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