विकलांगों को चाहिए आपका सहयोग . . . !

3 दिसम्बर: विश्व विकलांग दिवस

क्या
नेत्रहीन युवती सुई में धागा डाल सकती है? क्या बोलने-सुनने में असमर्थ
बच्चा गानों की धुन पर डांस कर सकता है? क्या मंदबुद्धि व्यक्ति अच्छा गाना
गा सकता है? ये सभी असंभव से लगने वाले कार्य शीरीरिक और मानसिक रूप से
चुनौतीपूर्ण लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। आमतौर पर विकलांगता से
ग्रसित व्यक्तियों को दया या सहानुभूति की नजरों से देखा जाता है। हम में
से कई लोग विकलांगजनों को समाज में अपनी भूमिका निभाने के योग्य नहीं
समझते। वे अपनी बची हुई क्षमताओं का इस्तेमाल कर शिखर पर पहुंच सकते हैं,
लेकिन हमारा नजरिया उनके प्रति सकारात्मक नहीं होता। हमारे आसपास ऐसे कई
व्यक्ति हैं, जिन्होंने विकलांगता को अपनी राह में बाधा नहीं बनने दी और
सफलता अर्जित की है।

आज सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से निःशक्तजन अपने जीवन को
समर्थ और सार्थक करने जुटे हुए हैं। बस, जरुरत है आपके थोड़े से सहयोग की।
आइए, देखते हैं कि आप कैसे इनकी जिंदगी में रोशनी की एक किरण बनकर सपनों को
साकार करने में मदद कर सकते हैं:-

  1. – विकलांगों के प्रति सकारात्मक रहें। जब भी आपको कोई विकलांग बच्चा/वयस्क मिले तो उससे सहज होकर प्यार से बात करें।

  2. राह में अगर कोई नेत्रहीन, शीरीरिक असमर्थ व्यक्ति मिल जाए तो उसे सड़क
    पार कराने, बस या ट्रेन में बैठने/उतरने और गंतव्य स्थान तक पहुंचने में
    उसकी मदद करें।
  3. – आपके आसपास या परिचित में कोई विकलांगजन हो तो उसे सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में उसका सहयोग करिए।
  4. – आप अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा विकलांग बच्चों की शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए दान में दे सकते हैं।
  5. – विकलांगजनों के हित में काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को जरूरत की
    वस्तुएं दान में दे सकते हैं। जैसे- स्टेशनरी, कपड़े और खाने की चीजें।
  6. – किसी विकलांग के इलाज या दवा का खर्च उठा सकते हैं।
  7. – अगर कोई विकलांग अन्याय/अत्याचार का शिकार हो रहा है तो उसे कानूनी मदद दिलवाने की पहल करें।
  8. – जन्मदिन, त्यौहार या शुभ अवसर पर विकलांग बच्चों को गिफ्ट दें और उनके साथ सेलिब्रेट करें।

  9. आप समय निकालकर किसी स्वयंसेवी संस्था को अपनी सेवाएं दे सकते हैं। जैसे-
    वहां जाकर बच्चों को पढ़ाना या अन्य गतिविधियों में सहयोग करना।
  10. – विकलांगों को कुछ सहायक उपकरणों की जरूरत होती है, उसे खरीदने में आप उनकी आर्थिक मदद कर सकते हैं।

इस तरह देखेंगे कि आपका एक छोटा सा सहयोग विकलांगों के जीवन को बेहतर बनाने मददगार होेगा।

– अमितसिंह कुशवाह,
राजेन्द्र नगर, सतना।
09300939758

1 Comment

Comments are closed.

  1. Sachin 6 years ago

    Very timely post. I have met some pws who are day in and day are worried about: am I disabled or normal?
    Instead, they could have helped themselves and many other people.. and could have transformed their own life..
    Time is short.. Let us do something worthwhile, instead of worrying about "labels"..

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