New experiment in Indian Television – थपकी … प्यार की

हाल ही में कलर्स टीवी पर एक नया शो थपकी … प्यार की शुरू हुआ है। थपकी इस शो का केन्द्रीय पात्र है। इस सीरियल थपकी का निर्माण एमओएल प्रोडक्शंस द्वारा किया जा रहा है।

यह सीरियल कलर्स चैनल पर सोमवार से शनिवार तक शाम 7 बजे प्रसारित हो रहा है। सीरियल में टीवाी कलाकार जिज्ञासा सिंह, शक्ति सिंह, जया भट्टाचार्य, शिवानी तोमर, पूजा साहू आदि प्रमुख किरदारों में हैं। यह सीरियल एक ऐसी लड़की की यात्रा है जो महत्वाकांक्षी और धुन की पक्की है। वो अपनी ताकत को जानती है और उसे पूरा भरोसा है कि वह अपने मजबूत इरादों के दम पर दुनिया का सामना कर पाएगी।

थपकी की जिंदगी में हकलाना एक प्राब्लम है, लेकिन वो अपनी ताकत बनाकर जिंदगी की चुनौतियों का सामना करती है। पैरेन्ट्स ने उसका नाम वाणी रखा है, जो उसकी लाइफ से एकदम विपरीत है। सीरियल में जिज्ञासा सिंह थपकी के किरदार में हैं, तो प्रतीक्षा लोनकर थपकी की मां पूनम का रोल प्ले कर रही हैं। एक्टर शक्ति सिंह थपकी के फादर कृष्णानाथ बने हैं। सीरियल के शुरूआती शो में थपकी की शादी टूट जाती है, क्योंकि वह रूक-रूककर बोलती है। इस गम डूबी थपकी और उसके परिवार की जिन्दगी में एक नया मोड़ तब आता है जब एक न्यूज चैनल से थपकी को इंटरव्यू में आने का लेटर मिलता है। अब आगे क्या होगा यह नए एपीसोड्स में सामने आएगा।

भारतीय टेलीविजन के इतिहास यह एकदम नया प्रयोग है। एक हकलाने वाली युवती के जीवन की चुनौतियों और ताकत को जिस तरह से दिखाया जा रहा है उससे समाज में हकलाहट के बारे में समझ और सकारात्मक सोच का संचार होगा।

हमारे समाज में महिलाओं के सामने ढेरों चुनौतियां और सीमाएं हैं, ऐसी स्थिति में एक युवती का हकलाना उसके जीवन को किस कदर कठिनाईयों से भर सकता है, यह बखूबी इस सीरियल में दिखाया गया है।

– अमितसिंह कुशवाह,
सतना, मध्यप्रदेश।
9300939758

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Post Author: Harish Usgaonker

5 thoughts on “New experiment in Indian Television – थपकी … प्यार की

    Sachin

    (June 1, 2015 - 8:53 am)

    बहुत खूब….

    abhishek

    (June 1, 2015 - 9:27 am)

    बहुत बड़ीया अमितजी . मैं ये शो रोज़ देखता हूँ . ऐसे शो आने से समाज में परिवर्तन आयेगा और हिंदी सिनेमा वाले भी हकलाहट का मजाक बनाने से बचेंगे

    admin

    (June 3, 2015 - 6:34 am)

    बहुत अच्छा…

    Anonymous

    (June 3, 2015 - 9:53 am)

    Band karo isse. Very irritating concept , I don't see the protagonist to take harassment she facing as positive . she keep weeping over it whether in home or office. We all have faced such situation and harassment over the years and I don't think it is required to dramatise it and exaggregate it. Do you think such saas bahu serial can do any good to our serious cause. It should be stopped immediately .

    Sachin

    (June 7, 2015 - 2:27 pm)

    Is it not refreshing to have a protagonist – not the sidekick – stammer?

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