Delhi SHG meeting report of 20th March ( in hindi )

नमस्कार सबका,

मै विशाल गुप्ता, दिल्ली स्वयं सहायता समूह का सदस्य, 

इस बार हम १२ सदस्य थे मीटिंग में, हमने सेंट्रल पार्क दिल्ली में  अपनी मीटिंग करी, जैसे की अब गर्मी आ चुकी है लेकिन फिर भी हमने एक छावनी वाली जगह चुनी और अपनी मीटिंग को शुरू किया.

इस बार हमारे  सह-होस्ट  दक्ष कपूर थे, जिन्होंने बखूबी अपने हुनर को परिचय दिया, मीटिंग एक नए सिरे से शुरू हुई  

मेरा नाम  वि-वि-वि-विशाल है क्युकी अदिखतर आपने देखा होगा की हमे अपना नाम बोलने में बहुत fear  होता है  – इस खूबसूरत एक्टिविटी को दक्ष ने करवाया इसके तत्पश्चात हमने इंट्रोडक्शन राउंड रखा जो थोड़ा हटकर था क्युकी इस बार आपको अपने आप को इनत्रोदुस नही करना था बल्कि आपको अपने गुड़ व अवगुंड को बताना था इसका मतलब हकलाने के साथ साथ आपको अपने आप को भी स्वीकार करना था

इस एक्टिविटी के बाद हमने ice-breaker स्पीच का राउंड रखा जिसमे हमे अपने अब तक के सफर के बारे में बताना था और जैसे कुछ लोगो को पता होगा की ये toastmaster  का एक बहुत अछा प्रोजेक्ट है जिसमे हम अपने अंदर के पब्लिक फियर को हटाते है और अपने सफर को संछेप में बताते है ! 

इस राउंड में सबने जमकर मजे किये किसी बे अपने गर्लफ्रेंड के बारे में तो किसी ने अपने टीचर क्रश के बारे में और भी बहुत सारे  हास्य प्रद शब्दों का समन्वय हमने देखा !

इसके बाद हमने ऑडियो/वीडियो इंटरव्यू राउंड का आरम्भ किया जिसमे हमने अपने समूह को २ के गुटो में बात दिया और सबने इंटरव्यू दिया अपने सामने वाले को, सबसे अच्छी बात ये निकल कर आई की एक सिचुएशन सा बन गया था सबके लिए और सबने ये फील किया की हम किस तरह से परिश्थिति में अपने आप को कंट्रोल में कर सकते है !

इस एक्टिविटी के बाद हमने एक तत्काल फीडबैक राउंड रखा जिसमे हर एक को बताना था की किसने कैसे परफॉर्म किया और ये एक्टिविटी भी काही प्रभावित की क्युकी इसमें हर एक को पता लगा की वो क्या कर रहा है अब तक या उसे अब क्या करना है !

इसके बाद, हमने एक नए खेल का प्रारम्भ किया जिसका नाम था Rapidfire गेम जिसमे हमने ६-६ लोग आमने सामने बैठ गए और एक पेप्सई की खाली बोतल ले ली और उसे randomly किसीके पास फेक कर प्रशन पूछने थे इस तरह से काफी अछा लोगो ने फील किया सिचुएशन भी बानी साथ बोलने का ज्यादा से ज्यादा मौका मिला लोगो को !

इसके बाद हमने एक लास्ट फीडबैक राउंड रखा, जिसमे ये करना था एक शब्द मीटिंग को बताना की मीटिंग कैसी रही उसके बाद हर एक सदस्य का फीडबैक बताया गया जो अति सुन्दर था क्युकी लोगो ने पुरे ईमानदारी के साथ इस एक्टिविटी को किया और आशा है की आने वाली मीटिंग इससे भी अच्छी होगी 

इस तरह से हमारी मीटिंग फिर यही समाप्त हो गयी 

धन्यवाद ( आशा है की मेरी हिंदी आप सबको अछि लगी होगी )      

1 Comment

Comments are closed.

  1. Sachin 4 years ago

    इलाहाबाद के लोगो की हिंदी अच्छी ना हो – ये कैसे हो सकता है!
    बहुत अच्छा प्रयास है – अन्य भारतीय भाषाओं में भी अगर हम लिखें तो हमारी बात और दूर तक जाएगी..गूगल लैंग्वेज इनपुट ने ये काफी आसान कर दिया है..
    ऐसे ही लिखते रहे बीच बीच में ..
    धन्यवाद्

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