ह्रदय चीर के राम सिया का

( हास्य ) जब मै बच्चा था , तब अक्सर भजन की ये पंक्ति सुन कर मुझे बहुत दुःख होता : हनुमान जी ने आखिर ऐसा क्यों किया? मै  इलाहबाद में बड़ा हो रहा था।  भजन सुनने के  मौके अक्सर मिलते रहते थे।  आज कल बच्चे सुपरमैन के करतब देख कर बड़े होते हैं और हम […]

कोरोना

                  – कोरोना –                  असहाय पड़ी मानव की कृति,                     रुका पड़ा सब काम है।                    कोरोना के चक्कर में देखो   […]

साहसिक प्रयासों से मिलती है कामयाबी

जब किसी रेत की इमारत को चंद हवाओं के झोंके गिरा दें, और फिर हम उसी टूटी हुई इमारत को पुनः बनाने में मशगूल हो जाएं, तो यह साहस है, हड़बड़ाहट नहीं। अक्सर, इसी जद्दोजहद से गुजरता है एक हकलाने वाला व्यक्ति। जब हम किसी व्यक्ति को स्पष्ट और धाराप्रवाह बोलते हुए सुनते हैं, तो […]

जिन्दगी में सकारात्मक बदलाव की शुरूआत . . .

मेरा नाम अक्षय रावल है और मैं गुजरात राज्य के सूरत शहर में रहता हूं। तीसा से जुड़ने के बाद मेरी जिन्दगी में आए परिवर्तनों और सुधारों की कहानी आपसे साझा कर रहा हूं। पहले मैं रोज सुबह 9 या 10 बजे सोकर उठता था। कभी कोई एक्सरसाइज, मोडिटेशन या प्राणायाम नहीं करता था। हमेशा […]

जीवटता, संघर्ष और सफलता की मिसाल हैं जयप्रकाश सुंडा

यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि तीसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सदस्य जयप्रकाश सुंडा देश के बाहर कनाडा सर्विस के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। श्री सुंडा के सम्मान और स्वागत के लिए गूगल मीट पर एक आनलाॅइन बैठक का आयोजन 22 जून (रविवार) को किया गया। इस बैठक में देशभर […]

जीवन को आनंद के साथ जियें

प्रिय दोस्तों नमस्कार , सुशांत सिंह राजपूत की खबर हर तरफ मीडिया में है और होनी भी चाहिए क्योकि सुशांत एक बहुत अच्छे इंसान और कलाकार थे | उनको और उनकी फिल्मो के बारे में बहुत नहीं जानता हूँ लेकिन दो मूवीज मैंने उनकी देखी है पहली एम .एस .धोनी और दूसरी पि.के., दोनों मूवीज […]

लॉक डाउन : तीन अति लघु कथाएं

इंतज़ार  वह थाली पीट रही थी | लगातार अपने थरथराते हाथों से…  पिछले कई दिनों से वह थाली पीट रही है | पडोसी भी सिर्फ मुस्कुराते हैं और अंदर चले जाते हैं | उसने बेटे की खाकी वर्दी धोकर, तह लगा कर तैयार रखी थी – ताकि वह जब कपड़े बदलने आये तो उसे देर […]

सिलिगुड़ी वर्कशाप के अनुभव

मेरा नाम रघुवीर सिंह ठाकुर है। मैं मध्यप्रदेश का रहने वाला हूं। 14 से 16 फरवरी तक सिलिगुड़ी में आयोजित यह मेरी पहली वर्कशाप थी। मैं भोपाल से सिलिगुड़ी 36 घण्टे का सफर करने के बाद पंहुचा। पहले दिन हमें बाउंसिंग, प्रोगांलसिएशन, पाजिंग, वालेन्टरी स्टैमरिंग, ब्लाक करेक्शन के बारे में बताया गया। सभी लोगों ने […]

सिलिगुड़ी के नए सकारात्मक बदलाव

हाल ही में तीसा द्वारा पूर्वोत्तर भारत के मशहूर शहर सिलिगुड़ी में 3 दिवसीय संचार कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला के बाद प्रतिभागियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव एवं उनके द्वारा की जा रही कोशिशों पर चर्चा करने के लिए विशेष आनलाइन गूगल हैंगआउट मीटिंग का आयोजन 23 फरवरी 2020 रविवार को प्रातः 8 से […]

विकलांग नहीं हूं मैं …

आज 3 दिसम्बर विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर विकलांगजनों की तरफ से मेरे द्वारा लिखी गई एक कविता – विकलांग नहीं हूं मैं … कहने को विकलांग हूं मैं सबकी नजरों में बेचारा और असहाय! किसी ने पूर्व जन्म का पाप बताया तो किसी ने प्रकृति को दोषी बनाया! मेरी बुद्धि को दूसरों से […]

NC 2019 : एक विस्तृत रिपोर्ट

भोपाल में 27, 28 और 29 सितम्बर 2019 को तीसा की 9वीं नेशनल कांफ्रेंस सफलतापूर्वक संपन्न हुई. इस कांफ्रेंस की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ हम आपसे साझा कर रहे हैं. विस्तृत रिपोर्ट  

एक सुबह अपने दिवंगत प्रियजनों के नाम . . .

सितम्बर 2015 में अपने पिता की मृत्यु के बाद मैं बहुत उदास रहने लगा था। शुरूआती दिनों में तो रात में नींद ही नहीं आती थी। कवरटें बदलकर रात गुजरती थी। सोते समय दिवंगत पिता की याद में विचलित हो उठता था। समझ में ही नहीं आता था कि क्या करूं? एक ऐसी स्थिति जिसे […]

सुनने की कला!

गणित की कक्षा में अध्यापक ने विद्यार्थियों से सवाल पूछा कि एक इलेक्ट्रिक ट्रेन 30 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से जा रही है, एक खंबे को 10 सेकंड में पार करती है तो ट्रेन का धुआं किस तरफ बहेगा??? सभी विद्यार्थी सवाल का जवाब जल्दी जल्दी गणितीय नियमों से निकालने लगे। तभी किसी ने […]

SHG मीटिंग्स को रोचक और उपयोगी कैसे बनाएं?

TISA की SHG मीटिंग्स को स्वयं या दूसरे मेम्बर्स के लिए दिलचस्प बनाए रखना एक ऐसी चुनौती है जिसका सामना हर PWS को, जो किसी भी SHG से नियमित रूप से जुड़ा हुआ है, कभी न कभी करना पड़ता है| इंदौर और फिर दिल्ली में SHG का हिस्सा रहते हुए, मेरे साथियों को भी कुछ ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हर कभी हमने […]

केबीसी : सपनों के हकीकत में बदलने की कहानी …

मशहूर टीवी रियालिटी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में जाना मेरे जीवन का एक बहुत बड़ा लक्ष्य था। इस शो में जाने के लिए मैं 2011 से कोशिश कर रहा था, जब बिहार के सुशील कुमार ने इस शो में आकर 5 करोड़ रूपए जीते थे। उस समय मेरी हकलाने की समस्या अपनी चरम सीमा पर […]

कुर्ग का रोमांचक और यादगार सफर by Jitender Gupta

साथियों, सितम्बर 2012 में कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कुर्ग में टीसा की दूसरी नेशनल कांफ्रेन्स आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में दिल्ली के जितेन्द्रर गुप्ता भी शामिल हुए। उन्होंने कुर्ग के रोमांचक सफर और अनुभवों को हमसे साझा किया था। आप भी पढ़ें – कुर्ग का रोमांचक और यादगार सफर टीसा की 9वीं नेशनल […]

संदीप राजा द्वारा लिया गया stammering इंटरव्यू।

टीसा – मूक, एक ऑनलाइन कोर्स है जो खास कर के हकलाने से जुड़ी मानसिक समस्याओं के ऊपर काम करने के लिए डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव सर द्वारा बनाया गया है। इस कोर्स में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कोर टास्क है- stammering इंटरव्यू लेना। जिसमे हमें किसी व्यक्ति को हकलाने के बारे में कुछ सवाल पूछने […]

दिव्यांग बच्चों के साथ एक दिन

7 दिसम्बर 2018 दिन एक बार फिर एक नया अनुभव लेकर आया। मौका था दिव्यांग बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिता का। हर साल की तरह इस साल भी विभिन्न दिव्यांगताओं के बच्चे प्रतियोगिता में शामिल हुए। सभी ने बहुत सुंदर-सुंदर चित्र बनाए। दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया और गाने भी गाए। इस साल की तरह कार्यक्रम […]

My Experience #18

गिरकर भी उठना सिखना पड़ेगा एक एक पन्ना करके पूरा इतिहास लिखना पड़ेगा वर्ना अभी तो हमारा अस्तित्व ही बेमानी सा लगता है पर वक़्त बदलने में कुछ वक़्त तो लगता है। कर हर मैदान फतेह, रमन मान 8285115785